भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस की तीन दिवसीय यात्रा खत्म करने के बाद कल देर रात अमेरिका पहुंच गए हैं, जहां पर वो डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार मुलाकात करने वाले हैं। पीएम मोदी ने वॉशिंगटन पहुंचने के बाद एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि कुछ समय पहले ही वॉशिंगटन डीसी पहुंचा हूं। इस दौरान मैं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलूंगा। भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए काम करूंगा। इसके लिए काफी उत्सुक हूं।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस यात्रा की जानकारी दी और इसे दोनों देशों के बीच संबंधों में महत्वपूर्ण कदम बताया। मंत्रालय ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी कैबिनेट के सदस्यों और उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी जब राष्ट्रपति ट्रंप से मिलेंगे तो वह नए अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने वाले दुनिया के तीसरे नेता होंगे। ट्रंप के शपथग्रहण के केवल एक महीने के भीतर भारत-अमेरिका के शीर्ष नेताओं की मुलाकात दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों की महत्ता को दर्शाती है।
इस यात्रा के दौरान भारतीय अप्रवासियों से संबंधित मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए जाने की उम्मीद है। अमेरिका ने हाल ही में 104 अवैध भारतीय अप्रवासियों को वापस भेजा है और 800 से अधिक और लोगों को निर्वासित किए जाने की संभावना है। भारत सरकार ने अमेरिका में अपने नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार पर चिंता जताई है और अमेरिका से मानवीय व्यवहार की उम्मीद की है। वर्तमान में अमेरिका में लगभग 7.25 लाख अप्रवासी भारतीय रहते हैं, जिनमें से लगभग 20,000 को निर्वासन के लिए चिह्नित किया गया है। मोदी की इस यात्रा से उम्मीद की जा रही है कि अप्रवासियों के लिए कानूनी चैनल को और स्पष्ट किया जाएगा ताकि भारतीय नागरिक अध्ययन, काम, और पर्यटन के लिए अमेरिका की यात्रा कर सकें।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंध भी इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर "टैरिफ किंग" होने का आरोप लगाया है और दोनों देशों के बीच व्यापार शुल्क पर विवाद उत्पन्न हो चुका है। ट्रंप प्रशासन ने एल्यूमीनियम और स्टील पर 25 फीसदी टैरिफ लागू किया है, जिससे भारतीय कंपनियों पर भारी प्रभाव पड़ा है। भारतीय कंपनियां अमेरिकी स्टील बाजार में अपने अस्तित्व को लेकर चिंतित हैं। मोदी इस मुद्दे पर बातचीत करने की योजना बना रहे हैं।








